प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज विजयदशमी के पावन अवसर पर सात नई रक्षा कंपनियां राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वह रक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में एक वीडियो संबोधन देंगे. इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा उद्योग संघों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने सात नई रक्षा कंपनियों का संदर्भ देते हुए कहा कि सरकार ने देश की रक्षा तैयारियों में आत्मनिर्भरता में सुधार के कदम के तहत आयुध निर्माणी बोर्ड (Ordnance Factory Board) को एक विभाग से सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाले सात निगमों में बदलने का निर्णय किया है।
प्रधानमंत्री शुक्रवार दोपहर को 12:10 बजे इन सात डीपीएसयूएस (DPSUS) को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। रक्षा मंत्रालय ने 28 सितंबर को आदेश जारी कर कहा कि 1 अक्टूबर से आयुध निर्माणी बोर्ड को समाप्त कर 7 नई कंपनियां बनाई है।

इन सात कंपनियों का करेंगे देश को समर्पित

जिन सात नई रक्षा कंपनियों को शामिल किया गया है, उनमें मुनिशन्स इंडिया लिमिटेड (MIL), बख्तरबंद वाहन निगम लिमिटेड (अवनी), एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (एडब्ल्यूई इंडिया), ट्रूप कम्फर्ट्स लिमिटेड (टीसीएल), यंत्र इंडिया लिमिटेड (YIL), इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड (आईओएल) और ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड (जीआईएल) के नाम शामिल हैं।
7 निगम बनाने के लिए दोनो कोर्ट में दायर की याचिका

रक्षा मंत्रालय ने 28 सितंबर को आदेश जारी कर कहा कि 1 अक्टूबर से आयुध निर्माणी बोर्ड को समाप्त कर 7 नई कंपनियां बनाई है। अब कर्मचारी कारखानों में हड़ताल नहीं कर सकते और ना ही किसी को उकसा सकते हैं। ऐसा करने पर जेल के साथ जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। हालांकि, इन दोनों मजदूर संगठनों ने सरकार के आयुध निर्माणी बोर्ड को खत्म कर 7 निगम बनाये जाने के खिलाफ हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है। सेना के लिये यूनिफॉर्म से लेकर हथियार, गोला बारूद, तोप और मिसाइल बनाने वाली कारखानों के कर्मचारी सरकार के खिलाफ ना केवल नाराज हैं बल्कि गुस्से में भी हैं।