मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रधानमंत्री विकास कार्यक्रम के तहत प्रोजेक्ट कार्यों को निर्धारित समय के भीतर पूरा किया जाए। मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री विकास कार्यक्रम के तहत विभिन्न प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की।बैठक में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, गृह विभाग, आवास एवं शहरी विकास विभाग, कृषि उत्पादन और किसान कल्याण विभाग, बिजली विकास विभाग, लोक निर्माण विभाग के प्रशासनिक सचिवों ने भाग लिया। बैठक में मुख्य सचिव को बताया गया कि प्रधानमंत्री विकास प्रोजेक्ट के तहत 53 प्रोजेक्ट में से 21 प्रोजेक्ट पूरे कर लिए गए हैं जबकि 10 प्रोजेक्ट मौजूदा वित्त वर्ष में पूरे कर लिए जाएंगे। उन्हें बताया गया कि उड़ी- एलओसी रोड को दो लेन बनाने का काम पूरा हो चुका है जिसकी लंबाई 17.25 किलोमीटर है।
123एक पुल का निर्माण कार्य बाकी है जिसे जुलाई 2020 तक पूरा कर लिया जाएगा। श्रीनगर में सामी रिंग रोड के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग को आदेश दिए कि वह 199 दुकानों को दूसरी जगह पर शिफ्ट करने के मुद्दे का समाधान करें। उन्हें बताया गया कि पुंछ उड़ी मार्ग के निर्माण कार्य के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो गई है और अगले तीन-चार महीने में कार्य अलॉट कर दिया जाएगा। यह बताया गया कि टंगमर्ग से गुलमर्ग सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है जबकि बारामुला गुलमर्ग सड़क का निर्माण कार्य दिसंबर 2022 में पूरा होगा।
मुख्य सचिव ने विभागों से जम्मू अखनूर मार्ग पर कार्यों में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए। यह बताया गया कि चनैनी शुद्ध महादेव मार्ग का काम चल रहा है और 3 टनलों के सर्वे की जिओ टैगिंग तकनीकी कार्य को पूरा किया जा रहा है। जैसे ही टनलों के निर्माण कार्य की मंजूरी मिलेगी तो काम को शुरू किया जाएगा। उन्होंने विभिन्न विभागों से तालमेल पर काम कार्य करने पर जोर देते हुए कहा कि सैमी रिंग रोड़ जम्मू को मई 2022 और सैमी रिंग रोड़ श्रीनगर को फरवरी 2024 में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने एम्स कश्मीर कैंपस में 34 एकड़ प्राइवेट भूमि संबंधित एजेंसी को सौंपने के निर्देश दिए और विभाग से कहा कि एम्स कश्मीर में अगले अकादमिक सत्र से कक्षाएं शुरू कर दी जाएं।
मुख्य सचिव को बताया गया कि प्रधानमंत्री विकास कार्यक्रम के तहत खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों पर काम पूरा हो चुका है सिवाए उच्च क्षमता के पौधौ को छोड़कर जिसे अगले साल पूरा कर लिया जाएगा। विभाग ने अगले 5 साल में 5000 हेक्टेयर भूमि पर उच्च क्षमता वाले पौधे लगाए जाने की योजना बनाई है। मुख्य सचिव ने कश्मीरी विस्थापितों के लिए अस्थायी आवासीय सुविधा के निमार्ण में हो रही देरी पर चिंता जताते हुए इस में तेजी लाने के लिए कहा।