पूर्व मुख्यमंत्री व नेशनल कांफ्रेंस के वरिष्ठ नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा एक धर्म को निशाना बनाकर दिए गए बयान को बर्दाश्त नही किया जाएगा।

खट्टर के खुले में नमाज पढ़ने संबंधी बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उमर अब्दुल्ला ने यह फैसला गलत है। देश में सभी नागरिकों को अपने धर्म का पालन करने की पूरी आजादी है। उमर ने कहा अगर यह फैसला सभी धर्माें के लिए होता तो यह ठीक था। लेकिन यहां पर सिर्फ एक धर्म को निशाना बनाया जा रहा है। यह सही नही है। उमर अब्दुल्ला अनंतनाग में पार्टी के एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अब यह वो भारत देश नहीं लग रहा है, जिसमें जम्मू कश्मीर का विलय हुआ था। जम्मू कश्मीर का विलय एक धर्मनिरपेक्ष, सभी धर्माें को बर्दाशत करने वाले देश में हुआ था। अब इस देश में एक धर्म को निशाना बनाकर उसका पालन करने वाले लोगों को खुले में नमाज पढ़ने से रोका जा रहा है। ऐसे में खट्टर के बयान की जितनी भी निंदा की जाए कम है।

वहीं एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उमर अब्दुल्ला ने कहा कि 370 की बहाली का मुद्दा उठा रही पीपुल्स अलायंस फार गुपकार डेक्लेरेशन ( पीएजीडी) को सरकार पंसद नही करती है। उमर ने पीपुल्स कांफ्रेंस के सज्जाद लाने के अलग होने का हवाला देते हुए कहा कि पीएजीडी को कमजोर बनाने के लिए हमारे कुछ साथियों को हमसे अलग किया गया। हम इन साजिशों को कभी कामयाब नही होने देंगे। इस मुद्दे पर हम एकजुट हैं। सज्जाद लोन गत वर्ष छह राजनीतिक दलों से बने पीएजीडी से अलग हो गए थे।

उमर ने कहा कि अनुच्छेद 370 के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। इसके लिए कुछ बदलाव भी करने पड़े तो किए जाएंगे। उन्होंने कहा पीएजीडी के अन्य सदस्य सरकार द्वारा की जा रही साजिशों को अच्छी तरह से समझते हैं। ऐसे में पीपुल्स अलायंस को निशाना बनाकर की जाने वाले इन साजिशों को एकजुट होकर नाकाम बनाया जाएगा।