जम्मू-कश्मीर में कोरोना की दूसरी लहर से हालात बिगड़ने लगे हैं। संक्रमण तेजी से फैल रहा है। बढ़ते मामलों को देखते हुए उप-राज्यपाल प्रशासन ने कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। जिसके तहत दरबार मूव को स्थगित कर दिया गया है। साथ ही कामकाज प्रभावित न हो इसके लिए सचिवालय श्रीनगर और जम्मू, दोनों जगह ई-ऑफिस के जरिए कार्य होगा। सचिवालय श्रीनगर और जम्मू दोनों में समान रूप से कर्मचारी कार्य करेंगे। इसके साथ ही जम्मू कश्मीर राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से आयोजित की जाने वाली दसवीं कक्षा की परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है। ग्यारहवीं कक्षा में इन विद्यार्थियों की पदोन्नति अब तक हुई परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर तय की जाएगी। जबकि 12वीं की परीक्षा को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है।

ज्ञात हो कि जम्मू-कश्मीर में बुधवार को 1086 नए संक्रमित मामले मिले। इसमें कश्मीर से 684 मामले हैं। पांच लोगों की मौतभी हुई। पिछले दो सप्ताह में ही प्रदेश में 10 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। रिकवरी दर गिरने लगी है। विशेषज्ञों के अनुसार, जिस रफ्तार से संक्रमण बढ़ रहा है, उससे आने वाले समय में स्थिति और खराब हो सकती है। ऐसे में सभी को एहतियात बरतना बेहद जरूरी है।

 

जम्मू-कश्मीर में इस वर्ष जनवरी-फरवरी की तुलना में मार्च-अप्रैल में कोरोना के मामले कई गुना बढ़ गए। जनवरी-फरवरी में कुल 5311 संक्रमित मिले और 73 मौतें हुईं। लेकिन मार्च में 4456 नए मामले सामने आए और 36 लोगों की जान चली गई। अप्रैल में दो सप्ताह (14 तारीख तक) में ही 10315 नए संक्रमित मिल चुके हैं। जनवरी में जम्मू-कश्मीर में रिकवरी दर 97 फीसदी पहुंच गई थी, जो अब घटकर 92 फीसदी आ गई है। प्रदेश में मौतों का आंकड़ा भी बढ़ रहा है। कोविड लेवल-1 अस्पतालों में दर्जनों मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है।