उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि दरबार मूव की आड़ में एक रैकेट चल रहा था। कुछ लोग अपने हितों के लिए इसे बनाए रखना चाहते थे। मांगने पर फाइलें गायब हो जाती थीं। इस व्यवस्था के खत्म होने से जम्मू की अर्थव्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ने दिया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन को जो भी कदम उठाने होंगे, वो सुनिश्चित किए जाएंगे। वह बुधवार को जम्मू हाट के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे।  एलजी ने कहा कि सामान्य रूप से एक चर्चा हो रही है कि दरबार मूव की प्रक्रिया बंद होने से जम्मू की अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी। उन्होंने कहा – मुझे लगता है कि पिछले साल मैं सात अगस्त को आया था और तब श्रीनगर से दरबार मूव होने पर दो सौ ट्रक फाइलों को लेकर रवाना हुए थे। इन ट्रकों के जम्मू आने में कितने दिन लगे इसका जवाब नहीं दे पाऊंगा। जिस काम के लिए फाइल मांगी जाती थी वह फाइल गायब मिलती थी। यह एक बड़ा रैकेट था जो इसको बनाए रखने में रुचि रखता था। अब ई-कार्यालय पूरी तरह से शुरू कर दिया गया है। कुछ लोग काम करने को तैयार नहीं थे। सामान्य लोग, सामान्य व्यापारी के लिए जो कुछ जरूरी होगा सब कुछ किया जाएगा।

भ्रष्टाचारियों के दिन खत्म

जिन लोगों ने समझा है कि वे जैसे चाहेंगे वैसे जम्मू-कश्मीर को चलाएंगे, यह उनकी गलतफहमी है। अब वो राज खत्म हो गया जब केवल भ्रष्टाचार के सहारे कुछ लोग जम्मू-कश्मीर के लोगों के जीवन में दिक्कत पैदा करते थे। पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ सरकार का एक-एक पैसा मनोज सिन्हा के लिए गोमांस के बराबर है। यहां के लिए आने वाले एक- एक पैसा जम्मू कश्मीर के लोगों के लिए होगा। जो लोग जनता के पैसे के साथ अमीर बने हैं, वे समझ लें अब वो दिन समाप्त हो गए हैं।